वसुधैव कुटुंबकम

भारतीए शास्त्रों में पूरे विश्व को एक परिवार कहा गया है। लेकिन कहा जाता हैं जब मानव जाति पर किसी प्रकार का संकट होता है तो पूरा विश्व ही अपना परिवार है लेकिन देश प्रेम हर एक व्यक्ति के अंदर होना चाहिए लेकिन, आधुनिक परिदृश्य में देखा गया है कि देश प्रेम का कहीं स्थान ही नहीं लोगों को पार्टी प्रेम से प्यार है चाहे देश जाए भाड़ में अपने अथवा अपनी पार्टी की स्थिति को बनाए रखने के लिए लोग देश को भूल ही जा रहे हैं इसके लिए चाहे देश का कितना भी माथा शर्म से झुक जाए लेकिन पार्टी सर्वोच्च रहना चाहिए ये लोग भूल गए हैं कि उनका मान देश से है ,मैं जिस लोगों का बात कर रहा हूं आप लोग उसे अच्छे से समझ रहे हैं हमारे समाज का राजनीतिक वर्ग जिसके पास ना तो अपना विवेक है ना तो वर्तमान स्थिति का पता है। चाहे वह किसी भी पार्टी से हो ,विश्व समाज में भारत का क्या स्थान है यह किसी से छिपा नहीं भारत के को-वेक्सिन को डब्ल्यूएचओ के द्वारा उस लिस्ट में शामिल भी नहीं किया गया है जिसको लेने के बाद लोग विदेश में जा भी नही सकते हैं। सबको मिलकर इस बात पर जोड़ देना चाहिए था, लेकिन विडंबना यह है कि लोग लाशों को गिनती करवाने में लगे है ।एक पार्टी दूसरे पार्टी पर ओछी राजनीति कर रहा है यह भारत के मान को कहां ले जाकर रखेगा यह सभी लोग जानते हैं ।इसलिए मेरा आप लोग से अनुरोध है कि देश के मान को बनाए रखें घर पर रहें सुरक्षित रहें और अपने परिवार का ध्यान रखें।

One thought on “वसुधैव कुटुंबकम

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started